Last updated: October 27th, 2026 at 03:26 pm

उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 से 31 अक्टूबर के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की आशंका है। कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा देखते हुए मौसम विभाग ने अलग-अलग दिनों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं। प्रशासन ने लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान अर्नब के 28 अक्टूबर के आसपास आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई क्षेत्रों में मौसम प्रभावित हो सकता है। उत्तर प्रदेश में इसका असर विशेष रूप से पूर्वांचल, अवध और तराई क्षेत्र में देखने को मिल सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
28 अक्टूबर को सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर और बलिया समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन क्षेत्रों में हवा की रफ्तार लगभग 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने संबंधित जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम बिगड़ने पर खुले स्थानों पर रहने से बचें और बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित इमारत के भीतर रहें।
29 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इस दिन प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर समेत कई क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। कुछ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और खेतों में पानी जमा होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
30 अक्टूबर को भी पूर्वांचल, अवध और तराई के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। बारिश के कारण दिन के अधिकतम तापमान में लगभग पांच से आठ डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, जिससे मौसम अपेक्षाकृत ठंडा हो सकता है।
31 अक्टूबर को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। हालांकि, मौसम की स्थिति जिले और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग रह सकती है। इसलिए लोगों को केवल सामान्य पूर्वानुमान पर निर्भर रहने के बजाय अपने जिले के लिए जारी ताजा मौसम चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।
संभावित खराब मौसम को देखते हुए उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त कार्यालय ने लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आंधी या गरज-चमक के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों, कमजोर दीवारों और अस्थायी ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है। बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले मैदान, खेत, तालाब और अन्य जलाशयों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। अनावश्यक यात्रा टालना और मौसम खराब होने पर पक्की इमारत में शरण लेना भी जरूरी है।
इस मौसम परिवर्तन को लेकर किसानों के लिए भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बेमौसम बारिश से खेतों में खड़ी फसलों, कटाई के लिए तैयार उपज और खुले स्थानों पर रखे अनाज को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने, कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने और पशुओं को खुले तथा असुरक्षित स्थानों से हटाने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी का मुख्य उद्देश्य संभावित नुकसान को कम करना और लोगों को समय रहते सतर्क करना है। बारिश की वास्तविक तीव्रता तूफान की दिशा और स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। प्रदेशवासियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें तथा अफवाहों पर भरोसा न करें।
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