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संजय झा से मुलाकात के बाद बिहार में सियासी चर्चा तेज, क्या JDU से शुरू करेंगी नई पारी?

बिहार की चर्चित पूर्व आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। कभी अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
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बिहार की चर्चित पूर्व आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। कभी अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर पहचान बनाने वाली ‘लेडी सिंघम’ अब अपनी एक मुलाकात की वजह से राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गई हैं। दरअसल, काम्या मिश्रा ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से मुलाकात की है। पटना में हुई इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या वह अब पुलिस सेवा और कारोबार के बाद राजनीति में नई पारी शुरू करने की तैयारी कर रही हैं?

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    संजय झा से मुलाकात के बाद क्यों शुरू हुई चर्चा?

    शुक्रवार को काम्या मिश्रा पटना स्थित संजय झा के सरकारी आवास पहुंचीं। यहां दोनों के बीच मुलाकात हुई। इस मुलाकात की तस्वीरें संजय झा और काम्या मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कीं।

    संजय झा ने इसे दीपावली की शुभकामनाएं देने के लिए हुई शिष्टाचार भेंट बताया। वहीं, काम्या मिश्रा ने भी तस्वीर साझा करते हुए उन्हें दीपावली की बधाई दी। उन्होंने बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में संजय झा के प्रयासों को प्रेरणादायक बताया।

    हालांकि, मुलाकात को सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया गया है, लेकिन काम्या मिश्रा के पुराने बयानों को देखते हुए इसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। फिलहाल उन्होंने जेडीयू में शामिल होने या चुनाव लड़ने को लेकर कोई घोषणा नहीं की है।

    कौन हैं काम्या मिश्रा, जिन्हें कहा जाता है लेडी सिंघम?

    काम्या मिश्रा 2019 बैच की आईपीएस अधिकारी रही हैं। मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली काम्या ने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 172वीं रैंक हासिल की थी। शुरुआत में उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर मिला था, लेकिन बाद में वह बिहार कैडर में आ गईं।

    बिहार में अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वैशाली के लालगंज में थाना प्रभारी के रूप में काम करने के अलावा उन्हें दरभंगा की ग्रामीण एसपी की जिम्मेदारी भी मिली थी। अपने सख्त अंदाज और अपराध के मामलों में सक्रिय कार्रवाई के कारण उन्होंने कम समय में अलग पहचान बनाई।

    जीतन सहनी हत्याकांड से मिली थी बड़ी पहचान

    जुलाई 2024 में वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की दरभंगा में हत्या कर दी गई थी। इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड की जांच में काम्या मिश्रा की अहम भूमिका रही थी। मामले के खुलासे और आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस की कार्रवाई के बाद उनकी चर्चा पूरे बिहार में हुई। इसी दौरान उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी पहचान मिली।

    IPS की नौकरी छोड़कर संभाला परिवार का कारोबार

    पुलिस सेवा में पहचान बनाने के बावजूद काम्या मिश्रा ने अगस्त 2024 में दरभंगा ग्रामीण एसपी के पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने निजी और पारिवारिक कारणों का हवाला दिया था। करीब सात महीने बाद 27 मार्च 2025 को उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया।

    नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने परिवार के कारोबार की जिम्मेदारी संभाली। फिलहाल वह जीएम आयरन एंड स्टील कंपनी की निदेशक हैं। कंपनी का कारोबार स्टील रॉड, टीएमटी बार, एंगल और चैनल जैसे उत्पादों से जुड़ा है।

    राजनीति में आने को लेकर पहले भी जाहिर कर चुकी हैं विचार

    काम्या मिश्रा की संजय झा से मुलाकात को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वह पहले एक इंटरव्यू में राजनीति को लेकर अपनी राय जाहिर कर चुकी हैं।

    उन्होंने कहा था कि अगर किसी व्यक्ति को नीतिगत स्तर पर बदलाव लाना है, तो राजनीति एक प्रभावी माध्यम हो सकती है। उनका मानना था कि पढ़े-लिखे और योग्य लोगों को राजनीति में आगे आना चाहिए। अच्छे लोग राजनीति से दूर रहेंगे तो व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाना मुश्किल होगा।

    उन्होंने यह भी कहा था कि समाज में बड़े स्तर पर बदलाव लाने के लिए निर्णय लेने की शक्ति जरूरी है और इसका इस्तेमाल जनहित में किया जा सकता है।

    पति भी हैं बिहार कैडर के IPS अधिकारी

    काम्या मिश्रा की निजी जिंदगी का भी बिहार से गहरा संबंध है। उनकी शादी वर्ष 2020 में आईपीएस अधिकारी अवधेश कुमार दीक्षित से हुई थी। दोनों एक ही बैच के अधिकारी रहे हैं। अवधेश दीक्षित फिलहाल भोजपुर जिले के एसपी हैं। आईपीएस सेवा छोड़ने के बाद भी काम्या का बिहार से जुड़ाव बना हुआ है।

    क्या JDU के साथ शुरू होगी नई राजनीतिक पारी?

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या काम्या मिश्रा आने वाले दिनों में जेडीयू का हिस्सा बनेंगी या फिर राजनीति से दूरी बनाए रखेंगी? उनकी प्रशासनिक पृष्ठभूमि, बिहार में बनी पहचान और राजनीति को लेकर पहले जाहिर किए गए विचारों के बीच संजय झा से हुई मुलाकात ने चर्चाओं को जरूर बढ़ा दिया है।

    हालांकि, अभी तक न तो काम्या मिश्रा ने जेडीयू में शामिल होने का ऐलान किया है और न ही पार्टी की ओर से उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी दी गई है। ऐसे में फिलहाल उनकी राजनीतिक एंट्री को लेकर लगाई जा रही अटकलों की पुष्टि नहीं हुई है। अब देखना होगा कि ‘लेडी सिंघम’ भविष्य में कोई नई राजनीतिक भूमिका चुनती हैं या कारोबार और सामाजिक गतिविधियों तक ही सीमित रहती हैं।

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