Last updated: May 20th, 2026 at 12:58 pm

प्रधानमंत्री Narendra Modi अपनी पांच देशों की विदेश यात्रा के अंतिम चरण में Italy पहुंच गए हैं। इस दौरे को भारत और Italy के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Rome पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का भारतीय समुदाय और अधिकारियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी Italy की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni और राष्ट्रपति Sergio Mattarella से मुलाकात करेंगे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार इस बैठक में व्यापार, रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और निवेश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए कई समझौतों पर बातचीत चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत और यूरोप के संबंधों को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकता है।
भारत और Italy के बीच पिछले कुछ वर्षों में संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं। खासकर रक्षा, ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा है। प्रधानमंत्री मोदी और Giorgia Meloni की पिछली मुलाकातों के बाद दोनों देशों ने अपने रिश्तों को “Strategic Partnership” तक बढ़ाने का फैसला किया था। अब इस यात्रा को उसी साझेदारी को और आगे ले जाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक के दौरान रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। भारत यूरोपीय देशों के साथ रक्षा तकनीक और आधुनिक सैन्य उपकरणों को लेकर साझेदारी बढ़ा रहा है। Italy रक्षा निर्माण और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में दोनों देशों के बीच रक्षा उत्पादन और तकनीकी सहयोग को लेकर नई पहल हो सकती है।
ऊर्जा और ग्रीन टेक्नोलॉजी भी इस दौरे के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। भारत स्वच्छ ऊर्जा और हरित विकास पर तेजी से काम कर रहा है, जबकि Italy यूरोप में ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रमुख देशों में गिना जाता है। दोनों देशों के बीच सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और पर्यावरण संरक्षण को लेकर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है।
व्यापारिक दृष्टि से भी यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। वर्तमान में भारत और Italy के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है। भारतीय कंपनियां यूरोप के बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती हैं, जबकि Italy की कंपनियां भारत में निवेश के नए अवसर तलाश रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दोनों देशों के बीच नए व्यापारिक समझौते होते हैं तो इसका फायदा ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मिल सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान Italy में रहने वाले भारतीय समुदाय को भी संबोधित कर सकते हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीयों के बीच प्रधानमंत्री की लोकप्रियता को देखते हुए इस कार्यक्रम को लेकर भी काफी उत्साह देखा जा रहा है। भारतीय समुदाय के लोग इसे भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान से जोड़कर देख रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह विदेश यात्रा केवल कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि भारत की वैश्विक रणनीति का हिस्सा है। भारत इस समय यूरोप, पश्चिम एशिया और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों के साथ अपने संबंध मजबूत करने पर लगातार ध्यान दे रहा है। इसी रणनीति के तहत Italy जैसे प्रभावशाली यूरोपीय देश के साथ संबंधों को और मजबूत किया जा रहा है।
विपक्षी दलों ने हालांकि इस दौरे को लेकर सरकार पर सवाल भी उठाए हैं। कुछ नेताओं का कहना है कि सरकार को देश के अंदर बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए। वहीं सरकार समर्थकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती भागीदारी देश की मजबूत होती वैश्विक स्थिति को दर्शाती है।
फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी की Italy यात्रा को भारत की विदेश नीति के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में कई नए समझौते देखने को मिल सकते हैं, जिससे भारत और Italy के संबंध और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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