Last updated: May 31st, 2026 at 05:15 am

पुणे: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सशस्त्र बल किसी भी संभावित खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं, इसलिए सेना को भी नई तकनीकों और आधुनिक युद्ध प्रणाली के अनुरूप खुद को लगातार मजबूत करना होगा।
नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में आयोजित 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना भविष्य में उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक तैयारियां पहले से ही की जा रही हैं।
सेना प्रमुख ने कहा कि आने वाले समय का युद्ध पारंपरिक सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा। साइबर स्पेस, अंतरिक्ष और सूचना आधारित तकनीकें भी युद्ध रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं। ऐसे में सैन्य अधिकारियों और जवानों को नई तकनीकों की समझ विकसित करनी होगी और बदलते हालात के अनुसार खुद को तैयार रखना होगा।
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन और डिजिटल निगरानी तकनीकों की बढ़ती भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि आधुनिक युद्धक्षेत्र पहले की तुलना में कहीं अधिक पारदर्शी हो चुके हैं। अब किसी भी सैन्य गतिविधि को छिपाना कठिन होता जा रहा है, इसलिए रणनीतिक योजना और सुरक्षा उपायों में अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
जनरल द्विवेदी ने इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड की दिशा में चल रही प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि तीनों सेनाओं के बेहतर समन्वय और संयुक्त अभियानों को मजबूत बनाने के लिए सरकार स्तर पर चर्चा जारी है। यदि सभी स्तरों पर सहमति बनती है तो आने वाले वर्षों में यह व्यवस्था लागू की जा सकती है।
उन्होंने सेना के आधुनिकीकरण अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि “डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन” के तहत भारतीय सेना को अधिक तकनीक-सक्षम, तेज और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप बनाया जा रहा है। इस बदलाव में युवा अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
कार्यक्रम के दौरान NDA के 355 कैडेट्स ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर सैन्य जीवन की नई शुरुआत की। पासिंग आउट परेड में सैन्य कौशल, हवाई प्रदर्शन और तीनों सेनाओं के समन्वय का शानदार प्रदर्शन भी देखने को मिला।
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