Last updated: June 23rd, 2026 at 04:04 am

जम्मू-कश्मीर में आगामी श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुचारू बनाने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक (DGP) नलिन प्रभात ने दक्षिण कश्मीर में एक अहम सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति का आकलन किया गया और यात्रा से संबंधित तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में सेना की विक्टर फोर्स, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न जिलों के एसएसपी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति, आतंकवाद-रोधी अभियानों और यात्रा मार्गों पर किए जा रहे सुरक्षा इंतजामों की जानकारी साझा की।
बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा
समीक्षा बैठक के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए तैयार किए जा रहे बहुस्तरीय सुरक्षा ढांचे, संवेदनशील इलाकों में निगरानी व्यवस्था और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने चल रहे अभियानों और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय से जुड़ी तैयारियों की जानकारी भी दी।
एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
डीजीपी नलिन प्रभात ने सभी सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय, खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त रणनीति के तहत काम करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए मजबूत सुरक्षा तंत्र बनाए रखने के निर्देश दिए।
तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में डीजीपी ने कहा कि अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। इसके लिए निगरानी प्रणाली को और मजबूत करने, सुरक्षा कर्मियों की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने और सभी संबंधित एजेंसियों के बीच निर्बाध समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता है।
उन्होंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में सुरक्षा बलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सभी एजेंसियां आपसी सहयोग के साथ काम करती रहें, ताकि अमरनाथ यात्रा 2026 का आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।
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