Last updated: May 31st, 2026 at 06:37 am

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चल रही नेतृत्व की खींचतान के बाद आखिरकार डीके शिवकुमार राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह 3 जून को दोपहर 3:30 बजे लोक भवन के ग्लास हाउस में आयोजित किया जाएगा।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बार समारोह को पूरी तरह सादगीपूर्ण रखा गया है और इसमें किसी बड़े सार्वजनिक आयोजन या भीड़-भाड़ वाली व्यवस्था से बचने का निर्णय लिया गया है। बताया जा रहा है कि बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों के कारण जनता पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
शपथ ग्रहण के समय को लेकर भी विशेष चर्चा रही है। जानकारी के मुताबिक, शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम का समय निर्धारित किया गया है ताकि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, जिसमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हैं, भी उपस्थित रह सकें।
हाल ही में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में डीके शिवकुमार को सर्वसम्मति से नेता चुना गया, जिसके बाद उन्होंने राज्यपाल के समक्ष सरकार गठन का दावा पेश किया। इस बैठक में वरिष्ठ नेताओं की सहमति से नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को औपचारिक रूप दिया गया।
कांग्रेस पार्टी अब नई सरकार के गठन और मंत्रिमंडल विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट गठन को लेकर चर्चा अंतिम चरण में है और जल्द ही नए मंत्रियों के नामों की घोषणा की जा सकती है। साथ ही, विभिन्न सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रालयों का बंटवारा किए जाने की संभावना है।
पार्टी संगठन के भीतर भी नए समीकरण उभर रहे हैं, जहां विभिन्न गुटों को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। नेतृत्व परिवर्तन के इस दौर को कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मोड़ माना जा रहा है।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि डीके शिवकुमार के नेतृत्व में नई सरकार कर्नाटक में किस तरह अपनी प्राथमिकताओं और नीतियों को आगे बढ़ाती है।
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