Last updated: October 23rd, 2026 at 05:10 pm

भारत-चीन सीमा पर तनाव को लेकर ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के बयान के बाद सियासी बहस तेज हो गई है। CJP नेता अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जिन सुरक्षाबलों की तैनाती देश की सीमाओं की रक्षा के लिए होनी चाहिए, उनका इस्तेमाल दिल्ली में नागरिकों के विरोध-प्रदर्शनों को रोकने के लिए किया जा रहा है। इससे पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी चीन के प्रति सरकार की नीति पर सवाल उठाए थे।
अभिजीत दीपके बोले- दिल्ली को किले में बदला जा रहा
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि सीमाओं की सुरक्षा करने वाले जवानों को नागरिकों के विरोध-प्रदर्शन रोकने के लिए तैनात किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर अपने ही देश के नागरिकों के खिलाफ सुरक्षा बलों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
दीपके ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता देश की सीमाओं को सुरक्षित करना होनी चाहिए, न कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को रोकने के लिए दिल्ली को किले में तब्दील करना। उनके ये बयान ITBP DG के चीन के साथ सीमा पर तनाव संबंधी टिप्पणी के बाद आए हैं।
जयराम रमेश ने भी चीन नीति पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि सीमा पर तनाव के बावजूद चीन के प्रति नरमी और आर्थिक मोर्चे पर बढ़ती निर्भरता किस तरह का राष्ट्रवाद है। रमेश ने कहा कि देश को बड़े-बड़े दावों के बजाय राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर स्पष्ट जवाब चाहिए। कांग्रेस ने चीन के साथ संबंधों और सीमा पर जारी तनाव को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की है।
ITBP DG ने अरुणाचल प्रदेश में तनाव का किया जिक्र
ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने अपने बयान में कहा कि जुलाई के अंत से अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले के असाफिला और माजा इलाकों में तनाव बना हुआ है। उनके मुताबिक, भारत ने सीमा पर अपनी तैनाती बढ़ाई है और बदलती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए जवानों, हथियारों, वाहनों तथा सीमा चौकियों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि पारंपरिक युद्ध के तौर-तरीकों में बदलाव आया है और सुरक्षा बलों को ड्रोन तथा ड्रोन-रोधी प्रणालियों को बड़े पैमाने पर अपनाने की जरूरत है।
सीमा सुरक्षा और सरकार की नीति पर सियासी बहस
ITBP DG के बयान के बाद विपक्षी नेताओं ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और केंद्र सरकार की चीन नीति को लेकर सवाल उठाए हैं। जहां अभिजीत दीपके ने दिल्ली में सुरक्षाबलों की तैनाती पर आपत्ति जताई, वहीं जयराम रमेश ने चीन के साथ संबंधों पर सरकार से जवाब मांगा। फिलहाल विपक्ष के इन बयानों के केंद्र में राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा पर तनाव और विरोध-प्रदर्शनों के प्रबंधन का मुद्दा है।
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