Last updated: October 23rd, 2026 at 05:15 pm

भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर तनाव को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्थिति पर देश के सामने सच्चाई रखने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चीन को क्लीन चिट देना बंद करे और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवालों का जवाब दे।
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा और राजनयिक जवाबदेही से जुड़े तीन सवाल उठाए। यह प्रतिक्रिया ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ तनाव संबंधी बयान के बाद आई है।
अरुणाचल में टकराव को लेकर खरगे ने जताई चिंता
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ITBP DG की ओर से अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों के साथ टकराव की स्थिति का जिक्र बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या डोकलाम और गलवान के बाद सीमा पर एक बार फिर टकराव की स्थिति बनी है?
खरगे ने अगस्त में टैक्सिंग के पास चीनी घुसपैठ की खबरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वाचा-दमाई में कोर कमांडर स्तर की बातचीत के 47 दिन बीत जाने के बाद भी तनाव जारी रहने की बात सामने आ रही है।
खरगे के केंद्र सरकार से तीन सवाल
मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तीन प्रमुख मुद्दों पर जवाब मांगा।
1. राष्ट्रीय सुरक्षा: अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ तनाव की स्थिति क्या है? क्या भारत के सीमा पर गश्त करने के अधिकारों से किसी तरह का समझौता हुआ है?
2. आर्थिक सुरक्षा: चीन के साथ भारत के आर्थिक संबंधों और निर्भरता को लेकर सरकार की नीति क्या है? कांग्रेस अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर भी स्पष्टता की मांग की।
3. राजनयिक जवाबदेही: सीमा पर तनाव और बातचीत के बावजूद स्थिति को लेकर देश को पूरी जानकारी क्यों नहीं दी जा रही है? खरगे ने सरकार से पारदर्शिता बरतने की मांग की।
‘प्रधानमंत्री देश को सच बताएं’
खरगे ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री को देश के सामने वास्तविक स्थिति रखनी चाहिए। उन्होंने सरकार पर चीन के मामले में नरम रुख अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि चीन को क्लीन चिट देने का सिलसिला बंद होना चाहिए।
सीमा पर तनाव को लेकर कांग्रेस के सवालों के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत-चीन संबंधों पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, खरगे की टिप्पणियां विपक्ष के आरोप हैं। सीमा पर मौजूदा स्थिति और गश्त के अधिकारों को लेकर उठाए गए सवालों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी जरूरी है।
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