Last updated: November 7th, 2026 at 03:11 pm

पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में गुरुवार सुबह एक निर्माणाधीन इमारत गिरने के हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। शनिवार को बचाव दल ने मलबे से एक और मजदूर का शव बरामद किया। मृतक की पहचान 40 वर्षीय पंकज शर्मा के रूप में हुई है, जो बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला था। हादसे के बाद से इलाके में राहत और बचाव अभियान जारी है। दिल्ली पुलिस ने मामले में तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है, जबकि नगर निगम ने संबंधित दो इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है।
यह हादसा 5 नवंबर की सुबह चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सितारा में हुआ था। यहां एक तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत में तीसरी मंजिल की छत का लिंटर डालने का काम चल रहा था। इसी दौरान इमारत का एक हिस्सा अचानक ढह गया और देखते ही देखते पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया। हादसे के समय भवन में कई मजदूर काम कर रहे थे। इमारत गिरने से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस तथा दमकल विभाग को सूचना दी।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं। संकरी गलियों के कारण भारी मशीनों को घटनास्थल तक पहुंचाने में काफी परेशानी हुई। ऐसे में बचावकर्मियों को अधिकतर मलबा हाथों से हटाकर तलाशी अभियान चलाना पड़ा। अभियान के दौरान अब तक पांच लोगों को मलबे से निकाला गया है। इनमें तीन की मौत हो चुकी है, जबकि दो घायल मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अधिकारियों के अनुसार, दोनों घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है।
शनिवार को बरामद तीसरे शव की पहचान पंकज शर्मा के रूप में हुई। इससे पहले दो मजदूरों की मौत हो गई थी। हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग निर्माण कार्य में लगे मजदूर थे। इनमें से कई बिहार के अलग-अलग जिलों से दिल्ली में काम करने आए थे। बताया गया कि कुछ मजदूर दिवाली और छठ पर्व के अवसर पर अपने घर लौटने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन हादसे ने उनके परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में तीन ठेकेदारों सिराज, ताजुद्दीन और फुरकान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, तीनों को हरियाणा के फरीदाबाद जिले के दौज क्षेत्र स्थित सिरोही गांव से पकड़ा गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है, जो गैर इरादतन हत्या से संबंधित है। पुलिस निर्माण कार्य में संभावित लापरवाही, सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और इमारत की संरचनात्मक स्थिति की जांच कर रही है।
जांच के दौरान मजदूरों के बयानों के आधार पर यह आरोप भी सामने आया है कि ठेकेदारों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और इमारत की मजबूती को लेकर उठाई गई आपत्तियों को नजरअंदाज किया था। एक घायल मजदूर ने शिकायत में आरोप लगाया कि तीसरी मंजिल का नया लिंटर डालने के लिए पुराना ढांचा पर्याप्त मजबूत नहीं था। मजदूरों ने अतिरिक्त सीमेंट और लकड़ी के सहारे की जरूरत बताई थी, लेकिन काम जारी रखने को कहा गया। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है।
मामले में नगर निगम की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने हादसे से करीब पांच महीने पहले 15 जून को संबंधित संपत्ति पर कथित अवैध निर्माण की जानकारी नगर निगम को दी थी। पुलिस ने उस समय कार्रवाई करने का अनुरोध किया था। नगर निगम का कहना है कि अप्रैल में मकान मालिक को जर्जर भवन की मरम्मत और मजबूती बढ़ाने के लिए सलाह दी गई थी, लेकिन इसे पुनर्निर्माण की अनुमति नहीं माना जा सकता। निगम की प्रारंभिक जांच में आरोप लगाया गया है कि मरम्मत की आड़ में दूसरी और तीसरी मंजिल पर नया निर्माण किया गया।
हादसे के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर नगर निगम ने क्षेत्र के सहायक अभियंता मोहम्मद नईम और कनिष्ठ अभियंता अमन दलाल को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने मामले की विस्तृत जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।
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