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दिल्ली में करोड़ों की ऑनलाइन निवेश ठगी का खुलासा, साइबर सेल ने अंतरराज्यीय गिरोह के छह सदस्य गिरफ्तार किए

दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) साइबर यूनिट ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों
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दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) साइबर यूनिट ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के माध्यम से लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगवाते थे और बाद में पूरी रकम अपने नियंत्रण वाले बैंक खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।

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    पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया पर निवेश से जुड़े विज्ञापन और संदेश भेजे गए थे। शुरुआत में आरोपियों ने छोटे निवेश पर अच्छा रिटर्न दिखाकर लोगों का विश्वास जीता। इसके बाद पीड़ितों को बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। जब निवेशकों ने अपनी राशि निकालने का प्रयास किया तो उनसे टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगे गए। अंततः आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया और निवेशकों को ठगी का एहसास हुआ।

    शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, आईपी एड्रेस और डिजिटल लेनदेन की जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस विभिन्न राज्यों तक पहुंची और समन्वित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरण भी बरामद किए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।

    जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह फर्जी कंपनियों और बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम को कई खातों में स्थानांतरित करता था, ताकि उसकी पहचान करना मुश्किल हो। पुलिस अब मनी ट्रेल की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी से अर्जित धनराशि कहां-कहां भेजी गई और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे। अधिकारियों का कहना है कि मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

    दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें। यदि कोई प्लेटफॉर्म कम समय में अत्यधिक मुनाफे का दावा करता है या अनजान व्यक्ति निवेश के लिए लगातार दबाव बनाता है, तो सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर देने की सलाह दी गई है।

    साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल निवेश से जुड़े अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। अपराधी सोशल मीडिया, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से लोगों को निशाना बनाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार केवल सेबी (SEBI) से पंजीकृत संस्थाओं और विश्वसनीय निवेश प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करना चाहिए तथा किसी भी अनजान लिंक या एप्लिकेशन पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

    दिल्ली पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे साइबर नेटवर्क की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे गिरोह की पहचान की जाएगी और इस ठगी से प्रभावित अन्य लोगों का भी पता लगाया जाएगा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि साइबर अपराध के खिलाफ राजधानी में विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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