Last updated: May 31st, 2026 at 06:21 am

नई दिल्ली: भारतीय सशस्त्र बलों के शीर्ष सैन्य पद पर बदलाव के साथ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालने के बाद उन्हें साउथ ब्लॉक परिसर में औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान किया गया।
जनरल सुब्रमणि ने यह जिम्मेदारी जनरल अनिल चौहान से संभाली, जिनका कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ। देश के सर्वोच्च सैन्य अधिकारी के रूप में उनकी नियुक्ति को भारतीय रक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय, संगठनात्मक सुधार और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए सेना, नौसेना, वायुसेना और अन्य संबंधित संस्थानों के बीच तालमेल बढ़ाना जरूरी है।
जनरल राजा सुब्रमणि ने स्वदेशी रक्षा उपकरणों और तकनीकों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा।
लंबे सैन्य अनुभव के साथ आने वाले जनरल सुब्रमणि ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण कमांड और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार, वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और सेंट्रल कमांड के प्रमुख जैसे अहम पदों पर भी सेवाएं दे चुके हैं।
करीब चार दशक से अधिक के सैन्य जीवन में उन्होंने देश के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभाई है। आतंकवाद-रोधी अभियानों से लेकर सीमावर्ती इलाकों में संचालन तक, उनके अनुभव को भारतीय सेना की बड़ी ताकत माना जाता है।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान भी मिल चुके हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनके नेतृत्व में संयुक्त सैन्य संचालन, आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को नई गति मिल सकती है।
अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि नए CDS के रूप में जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और एकीकृत सैन्य ढांचे को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।
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