Last updated: July 17th, 2026 at 10:08 am

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित स्वदेश वापसी की चर्चाओं के बीच भारत सरकार ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस मामले में उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रत्यर्पण से जुड़ा कोई भी मामला पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत ही तय किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि भारत का रुख पहले जैसा ही है और प्रत्यर्पण संबंधी मामलों को कानून के अनुसार ही निपटाया जाएगा। उन्होंने इस विषय पर इससे अधिक टिप्पणी करने से भी परहेज किया।
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए हिंसक छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। इसके बाद से वह भारत में रह रही हैं। हाल ही में उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था कि वह स्वेच्छा से बांग्लादेश लौटना चाहती हैं, हालांकि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका भी है।
इस बीच बांग्लादेश की ओर से शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर भारत से कई बार अनुरोध किया जा चुका है। हालांकि भारत ने दोहराया है कि इस विषय पर सभी निर्णय कानूनी प्रक्रियाओं के अनुरूप ही लिए जाएंगे।
वहीं, विदेश मंत्रालय ने दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर भी भारत का पक्ष रखा। मंत्रालय ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता, अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन और निर्बाध व्यापार का समर्थन करता है। साथ ही वर्ष 2016 में आए अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण के फैसले का भी उल्लेख किया, जिसमें दक्षिण चीन सागर पर चीन के व्यापक दावों को खारिज किया गया था।
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